यूनानी-रोमन कला को कहाँ स्थान प्राप्त हुआ?

[1] ऐलोरा
[2] गांधार
[3] कलिंग
[4] बौद्धकला

उत्तर: (2] गांधार

व्याख्या: ई.पू. प्रथम शाताब्दी के मध्य में उत्तर पश्चिम में गंधार में कला की एक और शैली का विकास हुआ जिसे गंधार शैली कहते हैं। इस शैली को ग्रीक बौद्ध भी कहा जाता है। इसका सर्वाधिक विकास कुषाण काल में हुआ। इस काल की विषय वस्तु बौद्ध परम्परा से ली गई थी किन्तु निर्माण का ढंग यूनानी था। गंधार कला के अंतर्गत मूर्तियों में शरीर की आकृति को सर्वथा यथार्थ दिखाने का प्रयत्न किया गया है।

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