वह दस्तकारी कौन-सी है जो आर्यों द्वारा व्यवहार में नहीं लाई गई थी?

[1] मृद्भांड
[2] आभूषण
[3] बढ़ईगीरी
[4] लुहार

उत्तर: (4] लुहार

व्याख्या: लुहार (लुहारगीरी) आर्यों द्वारा व्यवहार में नहीं लाई गई थी। चूंकि ऋग्वैदिक काल में आर्यों को लोहे की जानकारी नहीं थी। इसलिए लुहारगिरी के व्यवसाय से वे अपरिचित थे। ऋग्वैदिक आर्यों को बढईगीरी, कुम्हार, बुनकर, चर्मकार, रथकार, स्वर्णकार आदि के बारे में मालूम था परंतु उस समय लुहार की जानकारी नहीं थी जबकि उत्तर वैदिक काल में लोहे की जानकारी आर्यों को हो गयी थी।

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