उच्चतम न्यायालय ने हमारे संविधान की आधारभूत संरचना की घोषणा किस मामले में की थी?

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(A) केशवानंद भारती का मामला
(B) गोलकनाथ का मामला
(C) मिनर्वा मिल्स का मामला
(D) गोपालन का मामला

Ans: [A] केशवानंद भारती का मामला

व्याख्या: केशवानंद भारती वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने गोलकनाथ वाद में दिए गए निर्णय को बदल दिया तथा 24 वें एवं 25 वें संवैधानिक संशोधन की उपधारा 2 (अ), 2 (ब) और उपधारा -3 के प्रथम भाग की पुष्टि की तथा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय दिए (1) अनुच्छेद -368 के अन्तर्गत मूल अधिकारों को संशोधित किया जा सकताहै। (2)संसद को संविधान के किसी भी उपबन्ध, जिसमें मूल अधिकार भी सम्मिलित हैं, संशोधन करने का अधिकार है तथा उसे निरस्त करने का भी अधिकार है। (3)यद्यपि अनुच्छेद 368 संसद को संविधान संशोधन का अधिकार देता है, लेकिन संविधान के मूलभूत ढाँचे को बदलने के लिए क्षमता प्रदान नहीं करता। (4)सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णय का अधिकार संविधान के आधारभूत ढाँचे का एक भाग है। 

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