निम्नलिखित में से क्या राष्ट्रकूटों का सर्वाधिक चिरस्थायी योगदान है?

[1] कैलाश मंदिर
[2] कन्नड़ काव्य के तीन कवि पंपा, पोन्ना और रान्ना तथा कैलाश मंदिर
[3] जैनवाद का संरक्षण
[4] विजय

उत्तर: (2] कन्नड़ काव्य के तीन कवि पंपा, पोन्ना और रान्ना तथा कैलाश मंदिर

व्याख्या: पश्चिमी चालुक्यों और उनके उत्तराधिकारी राष्ट्रकूटों के शासन-काल के दौरान कन्नड़ साहित्य अपनी पराकाष्ठा पर था। राजा अमोघवर्ष I (King Amoghavarsha I) स्वयं कन्नड़ रत्नों में से एक थे। राष्ट्रकूट शासकों के संरक्षण में आदिकवि पम्पा (Pampa), श्री पोन्ना (Sri Ponna) और रन्ना (Ranna) कन्नड़ साहित्य के “त्रिरत्न” कहलाते थे।

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