किस द्रव्य का उपयोग हड़प्पा-काल की मुद्राओं के निर्माण में मुख्य रूप से किया गया था?

[1] टेराकोट
[2] काँसा
[3] ताँबा
[4] लोहा

उत्तर: (1] टेराकोट

व्याख्या: “टेराकोटा” (मृणमूर्तियां मिट्टी की मूर्तियां) सैंधव सभ्यता में उपलब्ध ‘शिल्प-आकृतियों’ में मृणमूर्तियां प्रचुर मात्रा में पायी गयी हैं। मृणमूर्तियां लाल रंग की बढ़िया गूथी हुई तथा ठोस पकाई मिट्टी से निर्मित होती है जिन पर लाल रंग का लेप होता है, कभी-कभी चटक रंग भी पाया जाता है। साँचे में ढालकर निर्मित कतिपय मृणमूर्तियों के अतिरिक्त अधिकांश मूर्तियां हाथ से बनाई गयी हैं इनमें मानव मूर्तियां ठोस है जबकि पशु-पक्षियों की मूर्तियां प्रायः खोखली प्राप्त हुयी हैं। हड़प्पा में नारी आकृतियों का बाहुल्य है जबकि मोहनजोदड़ो में पुरुष आकृतियां अधिक मात्रा में पायी गयी हैं।

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