हिंदुस्तानी संगीत शैली का उद्भव एवं विकास किस प्रकार से हुआ ?

 

उत्तर– भारत में मुस्लिम विजय के पश्चात 13वीं सदी के लगभग भारतीय संगीत (उत्तर भारतीय) शैली पर ईरानी एवं अरबी संगीत शैलियों का प्रभाव पड़ा। जिससे एक नवीन विशिष्ट आयाम युक्त ‘हिंदुस्तानी संगीत शैली’ का उद्भव हुआ।

भारतीय संगीत का परंपरागत एवं शुद्धतम रूप कर्नाटक संगीत शैली के रूप में विकसित होता रहा। यद्यपि हिंदुस्तानी संगीत शैली का आरंभ सल्तनत काल से हो गया था, किंतु 18वीं सदी में इसका रूप स्थिर हो गया।

संगीत की हिंदुस्तानी शैली संगीत संरचना और उसमें तात्कालिकता की संभावनाओं पर अधिक केंद्रित हैं। ध्रुपद, धमर, होरी, ख्याल, टप्पा, चतुरंग, रससागर, तराना, सरगम और ठमरी हिंदुस्तानी संगीत में गायन की शैलियां हैं।