द्वितीय पांड्यन साम्राज्य के भूमि माप का उल्लेख किसमें किया गया है?

[1] थलवईपुरम ताँबे की प्लेटों
[2] उत्तरमेरूर शिलालेख
[3] कुडुमियमलई शिलालेख
[4] कसाकुडी ताँबे की प्लेटों

उत्तर: (1] थलवईपुरम ताँबे की प्लेटों

व्याख्या: पाण्ड्य (Pandyan) शासकों द्वारा 1018 ई. और 1054 ई. के दौरान थलवईपुरम (Thalavaipuram) नामक ताँबे की प्लेट लाई गई थी, भूमि प्रणाली या वृहद् लहर इत्यादि के रूप में इसका वर्णन किया गया है। उदाहरण के लिए राजा द्वारा ब्राह्मण को भूमि प्रदान करने का वर्णन छठी योग्यता के रूप में किया गया है। कसकुदी (Kasakudi) प्लेटों और उत्तरमेरुर (Uthiramerur) अभिलेख का संबंध क्रमशः पल्लव और चोल राजवंशों से है।

Leave a Comment