बौध धर्म में “त्रि-रत्न” क्या इंगित करता है?

[1] विनय पिटक, सुत पिटक, अभिधम्म पिटक
[2] सारनाथ, लुंबिनी, बोध गया
[3] प्रेम, करुणा, दया
[4] सत्य, अहिंसा, दयालुता

उत्तर: (3] प्रेम, करुणा, दया

व्याख्या: त्रिपिटक या तीन टोकरी विभिन्न बौद्ध ग्रंथों के लिए इस्तेमाल एक पारंपरिक शब्द है इसे अंग्रेजी में कैनन के रूप में जाना जाता है तीन पिटक सुत्त-पिटक, विनय पिटक और अभिधम्म पिटक हैं। त्रिरत्न एक पारंपरिक बौद्ध शब्द है जिसका अर्थ है “तीन ज्वैल्स”, और यह बुद्ध (प्रबुद्धता का आदर्श), धर्म (पथ और प्राप्ति के प्रान्त प्राप्ति योग्य, और संघ (उन लोगों का समुदाय जो पथ का पीछा करते हुए, और विशेषकर उनको दर्शाता है जिन्हें प्रबुद्धता का अनुभव था।

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