आर्य सभ्यता में मनुष्य के जीवन के आयु के आरोही क्रमानुसार निम्नलिखित चरणों में से कौन सा विकल्प सही है?

[1] ब्रह्मचर्य-गृहस्थ-वानप्रस्थ-संन्यास
[2] गृहस्थ-ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास
[3] ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास-गृहस्थ
[4] गृहस्थ-संन्यास-वानप्रस्थ-ब्रह्मचर्य

उत्तर: (1] ब्रह्मचर्य-गृहस्थ-वानप्रस्थ-संन्यास

व्याख्या: वैदिक सभ्यता में ब्राह्मण चिन्तकों ने अपनी संस्कृति में स्थान देने के लिए मानव जीवन में चार आश्रमों का सिद्धांत प्रतिपादित किया। प्रारम्भिक उपनिषदों में केवल तीन आश्रमों का विधान मिलता है-ब्रह्मचर्य, गृहस्थ एवं वानप्रस्थ। परन्तु कालान्तर में ‘संन्यास’ नाम से चौथा आश्रम भी इस व्यवस्था का अंग बन गया।

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