मराठों की पराजय के लिए पांच मुख्य कारणों को लिखिए?

उत्तर– छत्रपति शिवाजी द्वारा स्थापित जिस मराठा साम्राज्य को बालाजी विश्वनाथ ,बाजीराव एवं बालाजी बाजीराव ने चरमोत्कर्ष पर पहुंचाया था वह मराठा साम्राज्य केवल दो शताब्दियों के भीतर ही पराभव पर पहुंच गया।

जिसके लिए निम्न कारणों को माना जाता है
(i) राजनीतिक विकेंद्रीकरण एवं मराठा संघ में आपसी मतभेद- सिंधिया (ग्वालियर), होल्कर (इंदौर),भोंसले (नागपुर), गायकवाड (बड़ौदा) एवं पेशवा (पूना) के रूप में मराठा संघ विभाजित था। जोकि न्यूनतम साझा हितों के संबंध पर आधारित था। (ii)परस्पर विश्वास का अभाव एवं अति महत्वकांक्षा- मराठा परिसंघ में क्षेत्र एवं अधिकार अलग -अलग होने के कारण विश्वास का अभाव था जिसके कारण आपसी प्रतिद्वंद्विता थी। (ii) दोषपूर्ण आर्थिक संगठन एवं आर्थिक विषमता- मराठों ने किसी भी प्रकार की ठोस राजस्व प्रणाली एवं व्यापार अर्थनीति को लागू नहीं किया।। (iv)उग्र राष्ट्रीयता एवं आत्मनिर्भरता का अभाव- शिवाजी ने साम्राज्य की स्थापना के लिए उग्र राष्ट्रीयता के तत्व का व्यापक प्रयोग किया था जिसमें कालांतर में अभाव आ गया था। जबकि यही भावना अंग्रेजों द्वारा मराठों के विरुद्ध प्रयोग लाई गयी। (v)अंग्रेज शक्ति की श्रेष्ठता तथा राजनीतिक कूटनीति-अंग्रेज मराठों से तकनीकी आधार, सैन्य अनुशासन एवं योग्य प्रशासकों के कारण श्रेष्ठ थे। तथा राजनीतिक कूटनीति उच्च स्तर की थी। मराठों के पराजय से अंग्रेज़ो की राजनैतिक श्रेष्ठता स्थापित हो गयी थी।